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जब कोई साथ नहीं होता तो मन और बेचैन हो जाता है...वास्तव में मुझे कभी अकेले रहने की आदत नहीं रही..ख़ैर जब मैं अकेले छोड़ दिया गया हूँ तो भीतर एक अजीब सी घुटन महसुस होती है... कभी कभी साँसे धीमी हो जाती है और धड़कने तेज़...मैं ख़ुद अचंभित हूँ मेरे साथ हो रहे अवसादी कारनामें से..!!
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